प्रमुख संवाददाता, मार्च 14 -- शिक्षा और करियर को आसान करने की जरूरत है। वर्तमान में चिकित्सा या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे अधिकतर छात्र डिप्रेशन में हैं। इसी कारण, इंजीनियरिंग व मेडिकल संस्थानों में लगातार आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह बात एम्स नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के हेड डॉ. नंद कुमार ने कही। एक सर्वे के बाद ये खुलासा हुआ कि ज्यादातर छात्र डिप्रेशन में हैं। कहाकि, वर्तमान में 27.8 फीसदी स्नातक और 31.3 फीसदी परास्नातक के मेडिकल छात्र डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। यह खुलासा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सर्वे में हुआ। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग की ओर से "बायोप्साइकोसोशल मॉडल ऑफ मेंटल हेल्थ" विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और ...