फतेहपुर, जनवरी 11 -- फतेहपुर। मकर संक्रांति पर 23 वर्ष बाद एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन षटतिला एकादशी व्रत भी है। संक्रांति व एकादशी का एक ही दिन पड़ना आध्यात्मिक रूप से अक्षय पुण्य फलदायक माना जाता है। इससे पहले यह संयोग 2003 में बना था। आचार्य भृगुनंदन शुक्ला ने बताया कि इस बार मकर संक्रांति के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग व अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। जिससे दान, पुण्य और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 14 जनवरी को दोपहर 3:07 बजे प्रवेश करेंगे। इसीलिए त्योहार इसी दिन मनाना उचित माना जाएगा। महापुण्य काल दोपहर 3:07 से शाम छह बजे तक माना जाएगा। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर संक्रांति है। मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद तिल, गुड़, चावल व वस्त्रों का दान दिया जाता है। इसलिए इस त्योहार को ...