सर्वपितृ अमावस्या पर शनिश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का संयोग, जानें श्राद्ध का मुहूर्त
नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है। इस बार शनिवार को अमावस्या पड़ने से शनिश्चरी अमावस्या का संयोग बन रहा है। पितृ पक्ष के आखिरी दिन उन सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि मालूम नहीं होती। इस दिन पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करने की भी परंपरा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार गजछाया योग का भी संयोग बन रहा है। ऐसे में श्राद्ध के साथ दान-पुण्य और शनिदेव की पूजा का भी महत्व रहेगा।सर्वपितृ अमावस्या पर गजछाया योग सर्वपितृ अमावस्या पर गजछाया योग को पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण के लिए खास माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में पूर्वजों के लिए किए गए धार्मिक कर्मों से उनका आशीर्वाद मिलता है। पंचांग के अनुसार, गजछाया योग 9 अक्टूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट से 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट त...
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