नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- Sarvapitru Amavasya : हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहते हैं। इसे महालय अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पितरों की शांति और उनके आशीर्वाद के लिए विशेष तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है। पितृपक्ष अमावस्या पितृपक्ष की अंतिम तिथि भी होती है। इस साल 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या पड़ रही है और इस बार ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण यह दिन और भी शुभ बन रहा है। अमावस्या के दिन किया गया तर्पण व दान पितरों को तृप्त कर उनका आशीर्वाद दिलाता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है। विशेष संयोग- इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या पर सूर्य भी लग रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा जिस वजह से कोई भी धार्मिक कार्य नहीं रुकेंगे। इसके साथ ही इस साल सर्वपितृ अमावस्या उत्तराफाल्ग...
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