बस्ती, मार्च 24 -- बस्ती, निज संवाददाता। छावनी क्षेत्र नाल्हीपुर में सात दिवसीय चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन सर्वकल्याण की कामना से हुआ। कथा के समापन पर हवन-यज्ञ और भंडारे का भी आयोजन किया गया। भागवत कथावाचक आचार्य रवि शंकर ने आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है यज्ञ से देवता खुश होकर मन वांछित फल प्रदान करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। समापन में हरिप्रसाद, शीतला, ...