अमरोहा, अगस्त 18 -- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार को लेकर एडवाइजरी की है। बताया गया कि वर्षा एवं जलभराव के दौरान सांप अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों, खेतों, घरों, नालियों, झाड़ियों एवं ऊंचे स्थानों की ओर आ सकते हैं। ऐसे में सर्पदंश की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। नागरिक सावधानी बरतें व सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपाय अपनाएं। एडवाइजरी के मुताबिक उत्तर भारत में कोबरा (नाग), कॉमन क्रेट (करैत), रसेल वाइपर (दबोइया) व सॉ-स्केल्ड वाइपर प्रमुख विषैले सांप पाए जाते हैं। साँप की पहचान केवल रंग, आकार, फन या निशान देखकर करना हमेशा विश्वसनीय नहीं है। किसी सांप को पकड़ने, मारने या उसके पास जाकर पहचान करने का प्रयास न करें। काटे गए स्थान पर दर्द, सूजन या ...