बरेली, दिसम्बर 8 -- सर्दी का मौसम आते ही खुश्क त्वचा, रूसी और महीन कणों की समस्या बढ़ जाती है, लेकिन इसी सामान्य समस्या को लेकर कई लोग अब गंभीर मानसिक बीमारी का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग में पिछले दो महीनों में डिल्यूजनल पैरासाइटोसिस (भ्रमात्मक परजीवी रोग) के 22 मामले सामने आए हैं। इनमें 16 महिलाएं शामिल हैं और सभी मरीजों की उम्र 55 से 72 वर्ष के बीच है। इसमें 6 मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष ने बताया कि यह एक दुर्लभ मानसिक रोग है, जिसमें व्यक्ति को लगातार यह भ्रम रहता है कि उसकी त्वचा, सिर या शरीर में कीड़े रेंग रहे हैं या निकल रहे हैं, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं होता। उन्होंने बताया कि सर्दियों में मौसम के साथ त्वचा तेजी से सूखने लगती है। हाथ-पैरों की त्वचा पर हल्की सफेदी और छोट...
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