धनबाद, मई 17 -- शिव आराधना का अनूठा पर्व चड़क पूजा सरायढेला शिव मंदिर प्रांगण में शनिवार को पूरे धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भोक्ता मेला में भक्तों की आस्था, साहस और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। झारखंड की पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा यह आयोजन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। चड़क पूजा के दौरान भोक्ताओं ने अपने शरीर के विभिन्न अंगों- पीठ, हाथ, पैर, छाती और यहां तक कि जीभ में लोहे की कीलें चुभोकर भगवान शिव की आराधना की। कई भक्त पीठ में कील चुभोकर बैलगाड़ी खींचते नजर आए, तो कुछ 40 फीट से अधिक ऊंचाई पर लकड़ी के खूंटे से बंधकर घूमते रहे। ऊंचाई पर झूलते हुए दोनों हाथों से ढाक बजाते भक्तों का दृश्य अत्यंत रोमांचक और श्रद्धा से ओतप्रोत था。

पूजा की प्रक्रिया पूजा में शामिल होने से पहले सभी भोक्ताओं ने तालाब में स...