सराईकेला, जून 1 -- सरायकेला। जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'अबुआ आवास योजना' और केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)' के 41,588 घर अधूरे पड़े हैं। वित्तीय संकट का आलम यह है कि अप्रैल से राज्य सरकार के फंड जारी नहीं किए जाने से चालू निर्माण कार्य भी पूरी तरह ठप हो गए हैं। लाभार्थी आधी-अधूरी दीवारों और तिरपाल के साये में रहने को मजबूर हैं। जिले में वर्तमान में अबुआ आवास योजना के 21,577 और प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के 20,011 घर अधूरे पड़े हैं। झारखंड सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। जिले को मिले भारी-भरकम लक्ष्य के मुकाबले प्रगति कछुआ गति से चल रही है । अब तक स्वीकृत 31,121 अबुआ आवासों में से केवल 9,554 आवास ही पूरे हो सके हैं । वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले को 6,437 आवासों का...