सराईकेला, मार्च 14 -- -राजपरिवार के सदस्य ने छऊ के गिरते स्तर और प्रशासन की कार्य प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल - ''चैत्र पर्व'' केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि सरायकेला छऊ की आत्मा और सदियों पुरानी है परंपरा-सरायकेला छऊ का इतिहास 300 वर्षों से भी अधिक है पुरानासरायकेला,संवाददाता। सरायकेला मिट्टी की पहचान और विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक धरोहर ''छऊ नृत्य'' अस्तित्व और मौलिकता की लड़ाई लड़ रहा है। सरायकेला राजपरिवार के सदस्य राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने छऊ के गिरते स्तर और प्रशासन की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि 13 अप्रैल को मनाया जाने वाला ''चैत्र पर्व'' केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि सरायकेला छऊ की आत्मा और सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे प्रशासन की अनदेखी ने महज एक ''इवेंट'' तक सीमित कर दिया है।परंपरा ...