सराईकेला, जून 22 -- सरायकेला। सरायकेला-खरसावां मार्ग स्थित गोविंदपुर में 2013 से लंबित नया पुलिया एप्रोच रोड निर्माण को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट आदेश के बाद भी एप्रोच रोड न बनने पर अदालत ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी करते कहा कि आदेश की प्रति मिलने के एक सप्ताह के भीतर प्रधान सचिव खुद स्थल निरीक्षण करें। यह भी पढ़ें- हाथी कॉरिडोर बनाने का मार्ग हुआ प्रशस्त, जल्द मिलेगा रांची-बोकारो फोरलेन को एनओसी : डीएफओनिर्माण का समय सीमा इसके साथ ही हर हाल में 18 अगस्त, 2026 तक एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश दिया गया। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि 2013 में ही पुलिया बन कर तैयार हो गई थी। इतने वर्षों तक एप्रोच रोड क्यों नहीं बनाया गया...