सराईकेला, जुलाई 23 -- सरायकेला के ऐतिहासिक गुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) में रथयात्रा महोत्सव के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने दुर्लभ मत्स्य अवतार में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भगवान बलभद्र को कच्छप (कछुआ) रूप और देवी सुभद्रा को भी विशेष वेश में अलंकृत किया गया है। गुंडिचा मंदिर में दशावतार वेश-सज्जा की यह प्राचीन परंपरा सरायकेला रथयात्रा की प्रमुख पहचान मानी जाती है, जिसकी शुरुआत 1970 के दशक में हुई थी। वर्तमान में गुरु सुशांत कुमार महापात्र के निर्देशन में स्थानीय कलाकार इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- Saraikela News: गुंडिचा मंदिर में सांस्कृतिक संध्या ने बिखेरा भक्ति और संस्कृति का अनुपम रंग मंगला आरती के बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारे...