आगरा, अक्टूबर 30 -- जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ की ओर से गुरुवार को जयमुनि और आदिश मुनि का सभा से पूर्व स्वागत किया गया। मुनियों ने राजामंडी से रोशन मोहल्ला स्थित हीर विजय सूरी उपाश्रय पर पदयात्रा के बाद मंगल प्रवेश किया। स्वागत के बाद हुई धर्म सभा में जय मुनि ने कहा भगवान महावीर के अनुयायियों को सात्विक जीवन अपनाना चाहिए। जहां मांसाहारी भोजन बनता हो, वहां धार्मिक कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। न ही वहां भोजन करना चाहिए। व्यापार ऐसा होना चाहिए, जिसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रकार की हिंसा न हो। जीवन में स्वाध्याय को आदत बनाना चाहिए। सरलता और सहजता ही सच्चे साधक की पहचान है। आदेश मुनि ने कहा ध्यान और भक्ति तभी सार्थक होती है, जब जीवन में सरलता और सहजता को अपनाया जाए। यदि मन में द्वेष है, तो भक्ति का कोई अर्थ नहीं रह जाता।...