गोंडा, अप्रैल 25 -- करनैलगंज, संवाददाता। ग्राम कुंअरपुर अमरहा में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा प्रवाचक पंडित चंद्रकुमार शुक्ल चंदा ने गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, राजा बलि, मोहिनी अवतार, सूर्यवंशी राजाओं का वर्णन एवं भगवान के जन्म की कथा सुनाई । कथा प्रवाचक ने कहा कि सरलता, सहजता एवं विनम्रता ही अच्छे जीवन, अच्छे व्यक्तित्व की पहचान होती है। प्रभु श्री राम प्रातः काल अपने माता पिता एवं गुरुदेव को प्रतिदिन प्रणाम करते थे। इसलिए अपने से बड़ों का सम्मान करना चाहिए। सनातन धर्म में भगवान के चार स्वरूप की बड़ी विशद व्याख्या है मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव, अतिथि देवो भव। यह भी पढ़ें- कर्म ही पूजा है, इसे भूलना नहीं चाहिए उन्होंने कहा कि जीवन की समीक्षा यही है कि सोने सोने में निकल गई सारी जिन्दगी, विषय भोगों में निकल गई सारी जिंदगी...