सरलता, शौर्य, त्याग और मौन हैं रामराज्य के चार स्तम्भ : ओमप्रकाश जी महाराज
बांका, जून 14 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर महावीरनगर मोहल्ले के महावीर स्थान प्रांगण में आयोजित श्रीश्री 108 श्री राम कथा नवाह ज्ञान महायज्ञ का समापन शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ। यह भी पढ़ें- ए पहुना ऐंही मिथिले में रहुं ना..., सुन आंख से आंसू नहीं रोक पाए श्रोताकथा का रसपान कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर प्रभु श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों पर आधारित कथा का रसपान किया। इस दौरान पूरे पंडाल में जय श्रीराम के उद्घोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथावाचक ओमप्रकाश जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि, सरलता, शौर्य, त्याग और मौन रामराज्य के चार प्रमुख स्तंभ हैं। यह भी पढ़ें- माता जानकी की विदाई सुन नम हुई आंखें, राम विवाह उत्सव में झूमे श्रद्धालुभगवान श्रीराम का...
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