जमशेदपुर, मार्च 21 -- आदिवासी सेंगेल अभियान ने कहा कि लगभग 15 करोड़ आदिवासी, जो प्रकृति पूजक (सरना धर्म) हैं, उन्हें अबतक अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक मान्यता अर्थात सरना धर्म कोड नहीं दिया गया है। इसी का नतीजा है कि आदिवासियों का जबरन हिंदू, मुस्लिम, ईसाई आदि में धर्म परिवर्तन किया जाता है। सेंगेल के नेताओं ने सेंगेलगढ़ करनडीह में शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संताल व आदिवासियों के सर्वश्रेष्ठ ईष्ट देवता मरांग बुरू हैं, जिनका स्थल गिरिडीह में स्थित पारसनाथ पहाड़ है। परंतु मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसे 5 जनवरी 2023 को जैन धर्मलंबियों को सौंप दिया। यह आदिवासी के साथ बड़ा धार्मिक अन्याय है। अतः उपरोक्त मुद्दों को लेकर सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के दिशा-निर्देशन में सेंगेल 23 मार्च को डीसी कार्यालय ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.