लखनऊ, अगस्त 26 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में तेजी से बढ़ती जा रही ई-रिक्शों की संख्या और उनसे होने वाले यातायात समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। न्यायालय ने कहा कि ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या शहर में भारी यातायात समस्या पैदा कर रही है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर सोती नहीं रह सकती, उसे जागना होगा और उपयुक्त नीति बनाकर इससे प्रभावी ढंग से निपटना होगा। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने शहर में यातायात प्रबंधन के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि शहर में करीब 80 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं, इनके लिए पर्याप्त और निर्धारित पार्किंग स्थल न होने के कारण चौराहों और प्रमुख मार्गों के आसपास इनके जमावड़े से यातायात बाधित होता है। न...