रुद्रपुर, अप्रैल 30 -- सतीराम राना, रुद्रपुर। एक्टू के राज्य महामंत्री कॉमरेड केके. बोरा ने इंजीनियरिंग उद्योग में घोषित न्यूनतम वेतन वृद्धि को 20 साल बाद की गई अंतरिम और बेहद अपर्याप्त बढ़ोतरी बताया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर मजदूरों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। बोरा ने कहा कि वेतन संशोधन हर पांच साल में होना चाहिए था, लेकिन इसे लंबे अंतराल के बाद लागू किया गया। महज 1500 से 2600 रुपये की बढ़ोतरी बढ़ती महंगाई के मुकाबले नाकाफी है। उन्होंने बताया कि 1 मई मजदूर दिवस पर 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन और 8 घंटे कार्यदिवस की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। यह भी पढ़ें- सरकार ने वेतन बढ़ाकर श्रमिकों के हित में लिया फैसला: सिन्हा यह भी पढ़ें- पूर्णिया: श्रमिक दिवस आज, मजदूरों की परेशानी बरकरार

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