नई दिल्ली, मई 29 -- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत सरकार की आलोचना करने वाली छात्रा जमानत पर रिहा होने के बाद अपनी सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हुई। छात्रा की वकील ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। छात्रा की वकील फरहाना शाह ने न्यायमूर्ति गौरी गोडसे और न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन की अवकाशकालीन पीठ को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रा जब हिरासत में थी तो उसके दो पेपर और दो प्रायोगिक परीक्षाएं छूट गई थी। इन छूटी हुई परीक्षा में दोबारा बैठने के लिए छात्रा विशेष अनुमति मांग सकती है। गौरतलब हो कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा को जमानत दी थी, तथा उसका जीवन बर्बाद करने तथा उसे 'कट्टर अपराधी के तौर पर देखने के लिए महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।

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