किशनगंज, अगस्त 26 -- किशनगंज। निज संवाददाता बेटी के दिल में गंभीर बीमारी हो और पिता की आमदनी इतनी सीमित हो कि परिवार का रोजमर्रा का खर्च ही मुश्किल से चलता हो, तो ऐसे में बड़े अस्पताल में हृदय का इलाज कराना किसी चुनौती से कम नहीं होता। बीमारी का दर्द अपनी जगह होता है, लेकिन उसके इलाज का खर्च गरीब परिवार की चिंता को कई गुणा बढ़ा देता है। किशनगंज की सात वर्षीय अंचल कुमारी की कहानी इसी चुनौती से निकलकर सरकारी व्यवस्था के भरोसे और सफलता की कहानी बन गई है। जिले के दिलवरगंज निवासी अंचल कुमारी जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। उसके पिता चंदन प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करते हैं। सीमित आय वाले परिवार के लिए अहमदाबाद के विशेषज्ञ हृदय अस्पताल में बेटी का उपचार कराना सामान्य परिस्थितियों में बेहद कठिन होता। लेकिन बिहार सरकार की बाल हृदय योजना ने परिवार की आ...