सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के तीस फीसदी पद रिक्त
फरीदाबाद, मई 15 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणामों ने स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन इस बार भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। कुछ दिनों में ही खराब परिणाम को लेकर मंथन भी शुरू होगा, लेकिन कभी उस दिशा में काम नहीं हुआ। शिक्षा जगह से विशेषज्ञों और शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और अध्यापकों से लगातार गैर-शैक्षणिक कार्य करवाना खराब परिणामों का प्रमुख कारण है। बता दें कि पिछले वर्ष भी शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की अगुवाई में खराब परिणाम को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक हुई थी। उसमें अध्यापकों की कमी और उन्हें गैर शैक्षणिक कार्याें में व्यस्त रखना, दो बड़ी बाते...
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