अलीगढ़, जुलाई 3 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच सक्रिय दलालों का नेटवर्क मरीजों की जान पर भारी पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों से निजी अस्पतालों में भेजकर मोटी रकम वसूली जा रही है, जबकि इलाज में लापरवाही और मौत के कई मामलों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को सुनियोजित तरीके से निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का खेल खुलेआम चल रहा है। दलाल, एंबुलेंस कर्मी और कुछ निजी अस्पताल संचालकों की सांठगांठ से मरीजों को यह कहकर सरकारी अस्पताल से हटाया जाता है कि वहां इलाज में देरी होगी या सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके बाद उन्हें पहले से तय निजी अस्पतालो...