गया, मार्च 1 -- प्रत्येक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना किसी भी सरकार के लिए संभव नहीं है। लेकिन, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। केंद्र सरकार इन दोनों क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है और युवाओं को स्वरोजगार के लिए कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। यह बातें रविवार को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी ने मगध विश्वविद्यालय के 65वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर कहीं। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी एमएसएमई क्षेत्र की है और कुल निर्यात का 47 फीसदी योगदान भी इसी सेक्टर से आता है। वर्ष 2015 के बाद सात करोड़ से अधिक इकाइयों के माध्यम से इस क्षेत्र ने लगभग 33 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है, जो इसकी व्यापक संभावनाओं का प्रमाण है। कृषि क्षेत्र...