हल्द्वानी, मई 4 -- हल्द्वानी। साइबर अपराधियों ने सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाया है। बीते एक साल के आंकड़े बताते हैं कि ठगी का शिकार होने वाले हर चार लोगों में से तीन सरकारी कर्मचारी हैं। यानि कि ठगी के शिकार 75 प्रतिशत लोग सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुमाऊं में पिछले एक साल में साइबर ठगी के कुल 312 मामले सामने आए। इनमें से 234 पीड़ित सरकारी पदों पर तैनात हैं। ठगों ने सुनियोजित तरीके से इन कर्मचारियों को जाल में फंसाकर कुल 31 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है। साइबर विशेषज्ञ एसपी मनोज कत्याल बताते हैं कि नियमित वेतन और बैंक खातों में जमा रकम के कारण सरकारी सेवक ठगों की पहली पसंद बने हुए हैं। अपराधी अक्सर डिजिटल अरेस्ट, बिजली बिल अपडेट, केवाईसी रिन्युअल और निवेश के नाम पर झ...