छिंदवाड़ा, अक्टूबर 2 -- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां सरकारी नौकरी जाने के डर से एक स्कूल शिक्षक और उसकी पत्नी ने अपने तीन दिन के नवजात बेटे को जंगल में जिंदा दफना दिया। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। गांव वालों ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी और उसे पत्थरों के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां वह अब सुरक्षित है।क्या है पूरा मामला? यह चौंकाने वाला वाकया छिंदवाड़ा के धनोरा क्षेत्र के नंदनवाड़ी गांव में 26 सितंबर को हुआ। 38 साल के बबलू डंडोलिया, जो एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और उनकी 28 साल की पत्नी राजकुमारी ने अपने चौथे बच्चे को जंगल में छोड़ दिया। इस दंपती के पहले से तीन बच्चे हैं- 11 साल और 7 साल की दो बेटियां और 4 साल का एक बेटा। मंगलवार को दोनों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सु...