कानपुर, मई 18 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में अतिथियों को स्मृति चिह्न या उपहार के रूप में मिट्टी की गुल्लक या अन्य पात्र भेंट किए जाएंगे। यह पहल बिठूर की पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहित करने के लिए है। इससे कुम्हारों को रोजगार व एक नई पहचान मिलेगी। जिला प्रशासन की इस पहल में अब आईआईटी कानपुर भी जुड़ गया है।जिला प्रशासन की पहल पर पारंपरिक माटीकला को आधुनिक डिजाइन, रंग तकनीक और बाजार से जोड़ते हुए मिट्टी की गुल्लकों को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि गुल्लक केवल मिट्टी का पात्र नहीं होती, बल्कि यह बचपन, परिवार और बचत की संस्कृति से जुड़ा भावनात्मक प्रतीक है। यह बच्चों में बजट की आदत को बढ़ाती है। कलेक्ट्रेट में डीएम ने बिठूर के कारीगरों और आईआईटी के रोजी शिक्षा केंद्र के सदस्यों के...