नैनीताल, जून 18 -- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एसी/एसटी ऐक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम) को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के अनुसार राज्य में किसी भी लोक सेवक (सरकारी अधिकारी-कर्मचारी) के खिलाफ इस अधिनियम के तहत केस दर्ज करने से पहले प्रशासनिक जांच करना अनिवार्य होगा। जस्टिस आलोक मेहरा की सिंगल जज बेंच ने बुधवार को तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूपेंद्र धोनी और एसआई रमेश बोहरा के मामले में सुनवाई के दौरान यह निर्णय दिया। यह मामला हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सेशंस कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें बिना प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के लोक सेवक के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट ने कहा कि एसी/एसटी ऐक्ट के तहत लोक सेवक के खिलाफ कोई भी आरोप या मामला तब तक...