रांची, सितम्बर 19 -- झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय तक निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को निलंबित करने के बाद तीन महीने के भीतर चार्जशीट नहीं दी जाती है, तो आम तौर पर उसका निलंबन तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता। बिना विभागीय कार्रवाई शुरू किए लंबे समय तक निलंबन को सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के एक आदेश को चुनौती दी थी।क्या है पूरा मामला? लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गिरिडीह हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रेजरर के पद पर काम करने वाले एक कर्मचारी से जुड़ा है। उसे झारखंड पोस्टल सर्किल में 26 करोड़ रुपये से...