नई दिल्ली, मार्च 10 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। अब प्रदेश के सरकारी सेवकों के लिए अपनी चल-अचल संपत्ति, विशेषकर शेयर बाजार में निवेश और जमीन की खरीद-फरोख्त की जानकारी देना अनिवार्य होगा। कैबिनेट ने इसके लिए 'उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956' में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दे दी है।शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश पर कड़ी नजर कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष के दौरान अपने छह महीने के मूल वेतन (Basic Pay) से अधिक की राशि शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर या बॉन्ड में निवेश करता है, तो उसे इसकी सूचना अनिवार्य रूप से अपने विभाग को देनी होगी। सरकार...