फरीदाबाद, जनवरी 29 -- हरियाणा में फरीदाबाद के बीके अस्पताल से मानवता को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आई है। जिसमें सरकारी एम्बुलेंस न मिलने पर एक दिहाड़ी मजदूर को अपनी पत्नी का शव ठेले पर रखकर घर ले जाना पड़ा। बुधवार को टीबी से उसकी 35 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई थी। निजी एम्बुलेंस का किराया देने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।कई घंटे इंतजार करता रहा झुनझुन गांव सारण के रहने वाले झुनझुन की पत्नी अनुराधा टीबी की बीमारी से पीड़ित थी। वह उसे उपचार के लिए बीके अस्पताल लेकर आए थे, जहां उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही उसकी दुनिया उजड़ गई। इसके बाद पत्नी का शव घर ले जाने के लिए वह एम्बुलेंस मांगता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। उसने डॉक्टरों, कर्मचारियों और एंबुलेंस स्टाफ से...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.