अलीगढ़, मई 18 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की धुंधली तस्वीर सामने ला दी है। आंखों की रोशनी बचाने के सबसे बड़े अभियान में सरकारी अस्पताल खुद ही कमजोर कड़ी बन गए। वर्ष 2025-26 में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए तय लक्ष्य का आधा हिस्सा भी सरकारी अस्पताल पूरा नहीं कर सके, जबकि निजी अस्पतालों ने लक्ष्य से कहीं अधिक ऑपरेशन कर दिए। विडंबना देखिए, संसाधन, बजट और सरकारी दावों के बावजूद मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने की जिम्मेदारी आखिरकार निजी संस्थानों के कंधों पर आ टिकी। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए कुल 60,718 ऑपरेशन का लक्ष्य तय किया गया था। इसमें सरकारी अस्पतालों को 12,144 ऑपरेशन करने थे, लेकिन पूरे वर्ष में सिर्फ 4,149 ऑपरेशन ही हो सके। यानी उ...