गाज़ियाबाद, मई 4 -- गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। सरकारी अस्पतालों में बढ़ती भीड़ के बीच हर 100 में से करीब 10 मरीज अस्थमा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण और लापरवाही से अस्थमा को तेजी से फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो शहर ही नहीं अब ग्रामीण इलाकों में भी अस्थमा के मरीज बढ़े है। एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ़ आलोक रंजन का कहना है कि अस्थमा एक क्रॉनिक श्वसन रोग है, जिसमें सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं और मरीज को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और बार-बार खांसी की समस्या होती है। धूल, धुआं, परागकण और ठंडी हवा इसके प्रमुख ट्रिगर हैं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। डॉक्टरों की मानें तो अस्थमा को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही देखभाल और...