अलीगढ़, दिसम्बर 11 -- (यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। संसाधनों के अभाव में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं। अस्पतालों की हालत यह है कि भवन तो खड़े हैं, मशीनें भी लगी हैं, मरीजों की लाइन भी लगती है, बस डॉक्टर नहीं मिलते। वर्षों बीत जाने के बावजूद जिलास्तरीय अस्पतालों में फिजिशियन, एनेस्थीसिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, गायनेकोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन और अन्य महत्वपूर्ण विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो सकी है। स्वीकृत पदों में 48 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं। उधर, 36 लाख की आबादी पर संचालित 16 सीएचसी अधिकांश जगह बिना विशेषज्ञों के चल रहे हैं। इन परिस्थितियों में मरीजों को निजी अस्पतालों या रेफरल केंद्रों की ओर भागना पड़ रहा है। हालांकि विभाग ने अब वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जिससे कुछ उम्मीद ज...
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