संतकबीरनगर, जून 5 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। जनपद के सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इनकी नियमित टेस्टिंग भी होती है। फायर विभाग के जिम्मेदार बीच-बीच में इन अस्पतालों में मॉकड्रिल के जरिए प्रैक्टिस भी की जाती है। साथ ही समय-समय पर इसकी टेस्टिंग का कार्य भी होता रहता है। लेकिन जिले के प्राइवेट अस्पताल राम भरोसे संचालित हो रहे हैं। इनमें बस दिखाने के लिए फायर टेंडर की व्यवस्था किया गया है। कुछ बड़े नर्सिंग होम को छोड़ दिया जाए तो अन्य में कोई दुर्घटना होने पर बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। कई तो पूरी तरह से मानक विहीन हैं। यह भी पढ़ें- जिले 85 प्रतिशत अस्पतालों में सुरक्षा के मानक नहीं, खतरे में मरीजों की जान इनके विरुद्ध जांच अभियान भी जिम्मेदार नहीं चलाते हैं।जनपद में छोटे बड़े लगभग सवा सौ से अधिक नर्सिंग होम...