शिमला, जून 30 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारीकरण किए गए निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों को राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि जिन निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों का बाद में सरकारीकरण किया गया, वहां शिक्षकों द्वारा सरकारीकरण से पहले दी गई पूरी सेवा अवधि को पेंशन, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट जैसे सेवानिवृत्ति लाभों की गणना में शामिल करना अनिवार्य होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय तक कॉलेजों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों की पूर्व सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।रिटायरमेंट के मिलने चाहिए लाभ जस्टिस जिया लाल भारद्वाज ने अपने फैसले में कहा कि जिन शिक्षकों ने कॉलेजों के विकास और विद्यार्थियों की शिक्षा में अपना पूरा कार्यकाल समर्पित किया है, उनके साथ केवल इस आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता कि कॉले...