नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- नीरजा चौधरी, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक बिहार में भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है। '1 अणे मार्ग' भाजपा का पुराना सपना रहा है। वह हिंदी पट्टी के तमाम राज्यों में सत्ता के शीर्ष पर पहुंच चुकी है, पर बिहार अब तक अपवाद था। सबसे बड़ा दल होने के बावजूद यहां उसकी भूमिका 'जूनियर पार्टनर' की ही थी। अब तस्वीर बदल गई है। बुधवार को सम्राट चौधरी के शपथ-ग्रहण के साथ यहां नीतीश-युग का भी विधिवत अंत हो गया है। एक ओबीसी नेता को ताज सौंपना भाजपा के लिए बिहार में काफी अहमियत रखता है। इसके अपने निहितार्थ हैं, जो पाटलिपुत्र तक सीमित नहीं हैं। भाजपा का 'ओबीसीकरण' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। हालांकि, 'यूजीसी बिल' का हो रहा विरोध और पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयू...