गिरडीह, अगस्त 14 -- पीरटांड़। जैन धर्मावलंबियों के सर्वोच्च आस्था केंद्र श्री सम्मेदशिखर पारसनाथ में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बीच सिद्धक्षेत्र की पवित्रता को लेकर चिंता गहराने लगी है। वंदना पथ पर कुछ पर्यटकों द्वारा बाइक से स्टंट करने, रील बनाने और अनुचित व्यवहार किए जाने से जैन श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। जैन समाज ने सिद्धक्षेत्र की पवित्रता और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है पारसनाथ

धार्मिक मान्यताएँ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सम्मेदशिखर पारसनाथ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जैन धर्मावलंबियों का सिद्धक्षेत्र है। जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने इसी पावन भूमि से मोक्ष प्राप्त किया था। पहाड़ की विभिन्न चोटियों पर तीर्थंकर भगवान के पवित्र पदचिन्ह (टोंक) स्थित हैं। देश-विदेश से हर दिन...