लखनऊ, मार्च 28 -- सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी की ओर से नाटक मध्यांतर का मंचन किया गया। राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह कैसरबाग में मंचित हुए जयवर्धन के लिखे नाटक का निर्देशन विवेक मिश्रा ने किया। ज्ञान और छाया के जीवन के इर्द गिर्द घूमती कहानी में दिखाया कि ज्ञान एक प्राइवेट ड्रामा स्कूल में अभिनय और निर्देशन का टीचर है। दुर्घटना में ज्ञान अपाहिज हो जाता है। जिसके कारण उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। ऐसी हालत में घर चलाने के लिए छाया को नौकरी करनी पड़ती है। दुर्घटना के चलते अब वह बच्चे भी पैदा नहीं कर सकता है। इससे उसके दाम्पत्य जीवन में दरार आने लगती है। कहानी में बताया गया कि सम्बंध में स्वार्थ नहीं समर्पण और त्याग होना चाहिए। नाटक में एक ओर जहां छटपटाहट, आक्रोश है तो वहीं दूसरी ओर बेबसी भी है। मंच पर ज्ञान की भूमिका राहुल मिश्रा और...