नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- सदी के अंत तक समुद्र का जलस्तर बढ़ने से मुंबई के जलमग्न होने के मंडराते खतरे के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने शहर की संवेदनशीलता की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। पिछले पांच सालों में यह इस तरह की दूसरी बड़ी स्टडी है। इस नई क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट में मुंबई की 149 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा, तटीय विकास और जमीन के बदलते इस्तेमाल से पैदा हुए खतरों का नक्शा तैयार किया जाएगा। यह रिपोर्ट अगले साल जारी होने की उम्मीद है।UN की चेतावनी और कोस्टल रोड का असर यह कदम संयुक्त राष्ट्र (UN) की उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि 2024 में वैश्विक समुद्र स्तर रिकॉर्ड 5.9 mm बढ़ा है। साल 2100 तक इसमें कम से कम 0.5 मीटर और अंटार्कटिक बर्फ पिघलने की स्थिति में 2 मीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह भी पढ़ें...