इटावा औरैया, अप्रैल 22 -- भरथना। क्षेत्र के बहारपुरा गांव स्थित गमा देवी मंदिर के पास आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को आचार्य सुनील द्विवेदी ने समुद्र मंथन, मोहिनी अवतार, वामन चरित्र, श्रीराम कथा, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंगों का वर्णन किया। आचार्य ने समुद्र मंथन प्रसंग में बताया कि देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत प्राप्ति के लिए क्षीर सागर का मंथन किया, जिसमें कई दिव्य रत्न निकले। अंत में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत पान कराया, जिससे धर्म की विजय हुई। वहीं श्रीकृष्ण जन्म कथा में उन्होंने बताया कि अत्याचारी कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लिया और वसुदेव जी उन्हें यमुना पार गोकुल ले गए, जहां नंद-यशोदा के यहां उनका पालन-पोषण हुआ। इस प्रसंग पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठ...