बुलंदशहर, जून 7 -- जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसलों की बुवाई और सिंचाई के बाद टॉप-ड्रेसिंग (खाद छिड़काव) का काम जैसे ही गति पकड़ रहा है, वैसे ही यूरिया और डीएपी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धान, गन्ना और मक्का की फसलों के लिए इस समय खाद की डिमांड अचानक चरम पर पहुंच गई है, लेकिन मांग बढ़ते ही सहकारिता विभाग की समितियों और कृषि विभाग के पास खाद का टोटा हो गया है। हालत यह है कि यूरिया के लिए सरकारी समितियों से लेकर निजी दुकानों पर किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। सुबह से ही किसान कतारों में लग जाते हैं, फिर भी शाम को उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। समय पर खाद न मिलने से किसानों को फसलों की सेहत बिगड़ने और उत्पादन घटने की चिंता सताने लगी है। नगर से लेकर देहात क्षेत्रों में इस समय किसानों के सामने यूरिया व डीएपी का टोटा है। खाद की...