वाराणसी, अगस्त 4 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। समाज में सभी वर्गों के समान विकास की भावना को बढ़ावा देना समय की मांग है। हमें ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जिसमें समाज का प्रत्येक वर्ग आगे बढ़ सके। यह कहना राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड के निदेशक प्रो.गुरुप्रसाद सिंह का है। वह सोमवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रो.गुरुप्रसाद सिंह ने कहा कि हरित क्रांति और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। आज भारत का दुग्ध व्यवसाय लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का उद्योग बन चुका है। दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व में प्रथम स्थान पर है। यह उपलब्धि मुख्य रूप से अनऑर्गनाइज्ड क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों के योगदान से संभव हुई है। जब...