समानता और वैज्ञानिक चेतना का लिया संकल्प
कन्नौज, सितम्बर 1 -- विशुनगढ़, संवाददाता। महान समाज सुधारक एवं 'उत्तर भारत के पेरियार' कहे जाने वाले ललई सिंह यादव की जयंती मंगलवार को किला नगरिया पार्क, विशुनगढ़ में पुष्प अर्पित कर मनाई गई। इस अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन कर उनके सामाजिक एवं वैचारिक योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ललई सिंह यादव का जन्म 1 सितंबर 1911 को कानपुर देहात के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने जीवनभर सामाजिक विषमता, जातिवाद, अंधविश्वास और रूढ़िवादी परंपराओं के खिलाफ संघर्ष किया। उनके क्रांतिकारी विचारों और सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें 'उत्तर भारत का पेरियार' कहा गया। ललई सिंह यादव ने पेरियार ईवी रामास्वामी की पुस्तक 'सच्ची रामायण' का हिंदी अनुवाद प्रकाशित किया था, जिसे लेकर उन्हें ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई भी लडऩी पड़ी। यह भी पढ़ें- पेरियार के सामा...
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