औरंगाबाद, फरवरी 2 -- अंबा के सतबहिनी मंदिर परिसर में सोमवार को संत शिरोमणि रैदास की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संत रैदास के मानवीय भाईचारे, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश की वर्तमान प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास समिति सदस्य मिथिलेश कुमार मेहता ने की, जबकि सभा का संचालन सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने किया। वक्ताओं ने संत रैदास के जीवन, कृतित्व और उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने जाति-पांति, ऊंच-नीच और भेदभाव का विरोध कर समाज को समानता का मार्ग दिखाया। संत रैदास 15वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक और भक्त कवि थे, जिनका जन्म काशी के समीप सीर गोवर्धनपुर में माना जाता है। उन्होंने अपने पदों और वाणियों के माध्यम से कर्म, भक्ति और मानवता का संदेश दि...