मिर्जापुर, अप्रैल 20 -- हलिया। क्षेत्र के हथेड़ा में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. विष्णुधर द्विवेदी ने सत्य की वंदना को करते हुए भगवाने के चौबीसवें अवतार ग्रहण करने की कल्याणकारी कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि भगवान के 6 वां अवतार भगवान परशुराम का वर्णन करते हुए कहा कि आज परशुराम जयंती हैं। भगवान परशुराम से मुझे शिक्षा लेनी चाहिए कि हमारे समाज और देश की समस्याओं से निपटने के लिए पुरुषार्थ की आवश्यकता होती है। परीक्षित की जन्म की कथा को सुनाते हुए बताया कि उत्तर के गर्भ में अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करने के बावजूद भगवान नारायण श्री हरि ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा किया। यह भी पढ़ें- ...जो श्रीहरि के अंश हैं और छठे अवतार जो परीक्षित के रूप में दुनिया में जाने जाते हैं। व्यास जी ने बताया कि महाराज...