वाराणसी, जनवरी 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। हिंदी रंगमंच के श्रेष्ठ एवं समर्पित सेवक डॉ.राजेंद्र उपाध्याय ने इस संसार को हमेश के लिए विदा कह दिया। गुरुवार की दूध कटरा स्थित 'शिव की गुफा'(उनके कक्ष का शिष्यों द्वारा दिया गया नाम) में सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 79 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सुनते ही उनकी शिष्य मंडली और उनके शुभचिंतक 'शिव की गुफा' पर इकत्रित हुए। गुजराती परंपरा के अनुसार उनका शव घर से घाट तक चादर में रख कर ले जाया गया। सिंधिया घाट पर उनके निकटस्थ रिश्तेदारों और शिष्यों ने उनकी अर्थी सजाई। पिंडदान आदि के विधान पूरे करने के बाद मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें मुखाग्नि उनके भांजे ने दी। डॉ.राजेंद्र उपाध्याय हिंदी के क्लासिकल नाटकों के निर्देशन के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। दू...