गोड्डा, जुलाई 7 -- महागामा एक प्रतिनिधि। महागामा प्रखंड एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से धान की खेती प्रभावित होने लगी है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं रहने के कारण धान की तैयार नर्सरी (बिचड़ा) सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। ऐसे में किसानों ने किसी तरह अपनी फसल बचाने के लिए नदी और जलस्रोतों से पंपिंग सेट के जरिए पानी खेतों तक पहुंचाकर धान की रोपनी शुरू कर दी है किसान सुबह से देर शाम तक पंपिंग सेट चलाकर खेतों में पानी भर रहे हैं। इसके बाद मजदूरों के साथ धान की रोपनी कराई जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने से खेती की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। अब डीजल चालित पंपिंग सेट से सिंचाई करने पर अतिरिक्त खर्च...