किशनगंज, जून 26 -- किशनगंज। वरीय संवाददाता किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की असली सफलता तब मानी जाती है, जब दूर-दराज के गांव में रहने वाला जरूरतमंद व्यक्ति भी समय पर उपचार प्राप्त कर सके। किशनगंज जिले में संचालित 102 एंबुलेंस सेवा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर जीवन बचाने का कार्य कर रही हैं। दिघलबैंक प्रखंड के कटहलबारी गांव की एक मासूम बच्ची नैन्सी परवीन (15) के लिए यह भी पढ़ें- तीन दिनों की जंग के बाद कोबरा के जहर को मात देकर घर लौटी नन्ही नैन्सीखतरनाक घटना का सामना 20 जून का दिन किसी भयावह सपने से कम नहीं था। खेलते समय उसे एक जहरीले कोबरा सांप ने काट लिया। कुछ ही देर में उसके शरीर पर जहर का असर दिखने लगा। बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और परिजनों क...