बिजनौर, मार्च 24 -- बिजनौर। 'सही समय पर सही पहचान और पूरा उपचार ही टीबी को पूरी तरह ठीक करने का सबसे प्रभावी तरीका है,' यह बात विवेक विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के सूक्ष्मजीवविज्ञान विभाग द्वारा कॉम्पोजिट स्कूल अगरी में विश्व टीबी दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कही गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं ग्रामीणों को टीबी तथा इसके बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर टीबी के विभिन्न प्रकारों जैसे पल्मोनरी टीबी (फेफड़ों का टीबी) और एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी (शरीर के अन्य अंगों का टीबी) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सूक्ष्मजीवविज्ञान विभागके छात्र-छात्राओं ने मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट टीबी और एक्सटेंसिवली ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अधूरा या गलत उपचार इसके मुख्य कारण हैं। कार...