हरदोई, मार्च 13 -- हरदोई। विश्व ग्लूकोमा दिवस पर जिला मोबाइल यूनिट में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है। इसमें ऑप्टिक नर्व को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचता है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थायी अंधेपन का खतरा बढ़ता है। ग्लूकोमा के उपचार के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। शुरुआती चरण में आंखों में डालने वाली दवाइयां और आई ड्रॉप्स दी जाती हैं, जो आंखों के अंदर बनने वाले तरल पदार्थ को नियंत्रित कर दबाव कम करती हैं। यदि दवाइयों से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता, तो लेजर उपचार किया जाता है, जिससे आंख के तरल पदार्थ के निकलने का रास्ता बेहतर बनता है। गंभीर मामलों में ट्रेबेकुलेक्टोमी सर्जरी की जाती है, जिसमें आंख से तरल पदार्थ निकलने के लिए नया मार्ग बनाया जाता है और आंख का दबाव नियंत्रित किया जाता है। अंधता...